Kumbh Mela Facts in Hindi-कुम्भ मेले के बारे में रोचक तथ्य

 Kumbh Mela Facts in Hindi-कुम्भ मेले के बारे में रोचक तथ्य

Kumbh Mela Facts in Hindi | नमस्कार दोस्तों आज मै इस आर्टिकल के जरिये आपको कुम्भ मेले के बारे में रोचक तथ्य बताने जा रहा हू। कुम्भ मेले में कुम्भ का शाब्दिक अर्थ “घड़ा, सुराही, बर्तन” है। यह वैदिक ग्रन्थों में पाया जाता है। इसका अर्थ, अक्सर पानी के विषय में या पौराणिक कथाओं में अमरता के अमृत के बारे में बताया जाता है। कुंभ मेला भारत में आयोजित किया जाने वाला सबसे बड़ा मेला है। यहा पर हिन्दू बड़ी संख्या में इकट्ठा होते है.बल्कि हिन्दू ही नहीं सभी धर्मो के लोग यहाँ इकट्ठा होते है.और पवित्र नदी में स्नान करते है। यह मेला चार अलग-अलग जगहों पर लगता है। यह मेला हर चौथे साल हिन्दुओ के लिए एक सबसे बड़ा आयोजन होता है। तो चलिए जानते है इस आर्टिकल में Kumbh Mela Facts in Hindi-कुम्भ मेले के बारे में रोचक तथ्य के बारे में:-

 Kumbh Mela Facts in Hindi-कुम्भ मेले के बारे में रोचक तथ्य

1-10 Kumbh Mela Facts

1.कुम्भ मेला हिन्दू लोगो के लिए सबसे बड़ा आस्था का केंद्र माना गया है। 

2.माना जाता है की कुम्भ मेले में स्नान करने वाले इन्सान के पाप ख़त्म हो जाते है.और मरने के बाद उस इन्सान को मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

3.आपको जानकर हैरानी होगी. साल 2013 के प्रयागराज कुम्भ मेले में रिकॉर्ड 12 करोड़ लोग इस मेले के दौरान आये थे। 

4.कुम्भ मेला हर 3 साल में 4 जगह आयोजित किया जाता है। 

  1. प्रयाग कुम्भ मेला 
  2. हरिद्वार कुम्भ मेला 
  3. नासिक कुम्भ मेला 
  4. उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ मेला 

5.कुम्भ मेले में करोड़ो लोग शामिल होते है.और यह मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। 

6.हर 12 साल में महाकुम्भ मेले का आयोजन किया जाता है। 

7.क्या आपको पता है की साल 2019 में रेलवे विभाग ने कुम्भ मेले के लिए 800 स्पेशल ट्रेनों को प्रयागराज के लिए शुरू किया गया था। 

8.कुम्भ मेले का पौराणिक कथा समुन्द्र मंथन शुरू होता है.जब देवताओ और असुरो के बीच समुन्द्र मंथन हुआ तब उसमे अमृत निकला था.उस अमृत को एक कुम्भ यानी घड़े में रखा गया था.इस कुम्भ को असुरो ने पहले छीन लिया था.ऐसा होता देख विष्णु भगवान् ने असुरो से अमृत का कुम्भ छीन कर भागने लगे तो भागने से अमृत की बुँदे 4 जगहों पर गिर गयी थी.और आज इन्ही चार स्थानों पर कुम्भ मेले को आयोजित किया जाता है। 

9.माघ के महीने में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले का आयोजन प्रयाग राज में किया जाता है.इस कुम्भ मेले के दौरान तीन पावन नदिया गंगा,यमुना और सरस्वती एक साथ बहती है। 

10.आपको जानकर हैरानी होगी की इस कुम्भ मेलो में भारतीय तो बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते ही है.बल्कि विदेशो से भक्ति भावना रखने वाले लोग भी यहाँ आते है। 

11-20 Kumbh Mela Facts

11.कुम्भ मेले के प्रमुख आकर्षण का केंद्र साधु-संतो के 13 अखाड़े होते है। 

12.इस समय कुम्भ मेले के अखाड़ो में 2 अखाड़े ओर बढ़ा दिए गए है.जिसमे पहला किन्नर अखाडा व दूसरा महिला नंगा साधुओ का अखाडा। 

13.क्या आप जानते है की इस कुम्भ मेले का आयोजन लगभग 2000 सालो से किया जा रहा है। 

14.कुम्भ मेले की तिथि सूर्य,चन्द्र व बृहस्पति गृह की स्थिति के अनुसार तय की जाती है.और इन दिनों कुम्भ स्थल से गुजरने वाली नदियों का पानी सबसे पवित्र माना जाता है। 

15.कुम्भ मेले में हिन्दू धर्म के कई पंथी शामिल होते है.जैसे नंगा बाबा जो कपडे नहीं पहनते, कल्पवासी जो दिन में तीन बार नहाते है,अघोरी जिनके पास काले जादू करने की सकती होती है,शिर्शसिन जो 24 घंटे अपने सर के बल खड़े होकर ध्यान लगते है,परेव्र्जक जिन्होंने मोन रहने यानी चुप रहने का संकल्प लिया होता है। 

16.नांगा बाबा ही कुम्भ मेले की शुरुआत करते है,नांगा बाबाओ को साधुओ का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है,और इसी कारण इन नांगा बाबाओ को नदी के पवित्र जल में सबसे डुबकी लगाने का अवसर दिया जाता है। 

17.कुम्भ मेले में आने वाले एक समुदाय अपने काले जादू की शक्तियों के कारण बहुत लोकप्रिय है,इन्हें अघोरी साधु कहते है,ये बाबा दाह संस्कार की राख से नहाते है,मानव कंकाल पहनते है और मानव मॉस ही खाते है।

18.अघोरी बाबा कुम्भ मेले में स्नान नहीं करते है वो कहते है ऐसा करने से उनकी काले जादू की शक्तिया ख़तम हो जाती है। 

19.कुम्भ मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये जाते है,इसमें स्थाई रूप से लाखो लोग तैनात किये जाते है,जिनमे हजारो पुलिस कर्मचारी,हजारो की संख्या में डाक्टर को बुलाया जाता है। 

20.कुम्भ मेले में शोभायात्रा का प्रमुख स्थान दिया गया है,यह शोभायात्रा करोड़ो लोगो के स्वागत व कुम्भ मेले के आयोजन को सूचित करने के लिए निकली जाती है,इस यात्रा में साधु संत अपनी टोलियों के साथ धूम-धाम के साथ नाचते हुए कुम्भ मेले में पहुचते है। 

21-30 Kumbh Mela Facts

21.इस कुम्भ मेले में लगने वाले तम्बुओ में शानदार होटलों की तरह सुविधाए दी जाती है,इस तम्बुओ में इन्टरनेट और WIFI की सुविधा भी दी जाती है।

22.दो महीने तक चलने वाले इस कुम्भ मेले में स्नान की विशेष तिथिया होती है.जैसे मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा आदि। 

23.मकर संक्रांति में कुम्भ का हर दिन बहुत पवित्र माना जाता है.यह दिन बेहद खास होते है.इन्ही दिन में स्नान करने को शाही स्नान व राजयोगी स्नान कहते है.इन्ही शाही स्नानो के बाद आम जनता को स्नान करने दिया जाता है। 

24.कुम्भ मेले को यूनेस्को के द्वारा मनुष्य की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूचि में शामिल किया गया है। 

25.इस कुम्भ मेले के दौरान कई गरीब परिवारों व अन्य बेरोजगार लोगो को रोजगार का अवसर मिलता है। यहा आपको हर तरह की छोटी बड़ी वास्तु मिल जाएगी। 

26. इस कुंभ मेले के पीछे लोककथा यह है।  कि यह मेला हर 12 साल आयोजित किया जाता है यह देवताओं और यह 12 साल राक्षसों व देवताओ के बीच की युद्ध के 12 दिन और 12 रातों को दर्शाता है। स्वर्ग में एक दिन और एक रात को एक मानव जीवन के एक वर्ष के बराबर माना जाता है।

27.कुम्भ मेला का पहला दस्तावेज़ विवरण चीन के यात्री हआन टीसांग के द्वारा वर्णित किया गया था, जो 629-645 सी ई में भारत आया था।

28.नागा साधु इस कुम्भ मेले में शामिल होते हैं और वे बिल्कुल नग्न अवस्था में रहते हैं।

29.क्या आपको पता हैं की अगले महाकुम्भ मेले को 144 सालो बाद आयोजित किया जायेगा।

30.हमारे भारत देश में पांच तरह के कुंभ मेले आयोजन किया जाता है

निष्कर्ष 

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जय हिन्द जय भारत

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